देश की अर्थव्यवस्था गर्त में जाती हुई कौन है जिम्मेदार
A1Worldnews
भाइयों अगर आप एक जिम्मेदार नागरिक है तो कृपया इस पोस्ट को पूरा पढ़ें:-
भारत की अर्थव्यवस्था सन 2014 के पहले 7% से 8% वृद्धि दर से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था थी आज उसकी हालत बहुत ही नाजुक हो गई है और अर्थव्यवस्था का वृद्धि दर 4.5% पर आकर रुक गई है।
अगले 2 दिनों के अंदर भारतीय शेयर मार्केट में 21 लाख करोड़ का घाटा हुआ है सभी बड़े बड़े इंडस्ट्रीज को घाटा हुआ है आप इस बात से अनुमान लगा सकते हैं कि यह घाटा कितना बड़ा है हर साल जो बजट पास होता है देश के विकास के लिए वह 20 लाख करोड़ के आसपास ही होता है और यहां पर अगले दो दिनों में ही 21 लाख करोड़ का घाटा हुआ है
भारत की पूरी अर्थव्यवस्था का इस तरह से गिरना यह दर्शाता यह सरकार की नाकामियां है । सरकार देश की आर्थिक व्यवस्था और हालात को न देखकर सरकार सांस्कृतिक मूल्यों के बढ़ावा दे रहा है इस हालात से निपटने के लिए सरकार ना कोई नीति बना रहा है और ना ही कोई चर्चा हो रही है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है क्या ऐसा बनाया जाए ताकि अर्थव्यवस्था को आगे ले जाया जाए और देश का विकास हो।
भारत की अर्थव्यवस्था के गिरने का मतलब यह है कि भारत में बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है प्रोडक्शन और बिजनेस बंद पड़ गया है और डॉलर रुपए के मुकाबले बढ़ता जा रहा है, निर्यात कम होती जा रही है और आयात बढ़ती जा रही है।
दोस्तों इस आर्थिक संकट का कारण सरकार की नाकामियां है और इस सरकार की नाकामियों को सभी लोगों तक पहुंचाएं ताकि सब नागरिक समझे की देश का विकास किसी के नाम से नहीं काम से होता है
मेरे भाइयों और बंधुओं इस पोस्ट को इतना शेयर करें की सभी को पता चले सरकार की घपलेबाज नीतियों से देश कैसे बर्बाद हो रहा है

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