होली क्यों मनाई जाती है
#A1worldnews:- होली

होली का नाम सुनते ही रंगों का त्योहार और चेहरे पर रौनक आ जाता है
होली भारत की महत्वपूर्ण पर्वो में से एक है यह त्यौहार भारत और नेपाल सहित पूरी दुनिया भर में जहां पर हिन्दू अल्पसंख्यक भारतीय रहते हैं बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। होली को हिन्दुओं का पर्व भी कहा जाता है हिन्दू पुराणों के अनुसार हिरण कश्यप स्वंय को भगवान समझ बैठा था हिरण कश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिए अनेक तरीके अपनाएं पर कामयाब ना हो सका उन्हीं में से एक तरीका होलिका दहन के रूप में याद किया जाता है जिसमें हिरन कश्यप की बहन होलीका जिस के पास एक चादर था उस चादर की खास बात यह थी कि वह जिस किसी से लिपटा रहता वह आग मै जल नहीं सकता था पर संयोग होलिका के आग मै बैठते ही चादर उड़ कर प्रहलाद के शरीर से लिपट गया जिसके कारण होलिका को भी आग मै जलना पड़ा जिसे हम होलिका दहन के रूप मै होली का त्योहार मनाते है यह थी धार्मिक बात
दूसरा कारण - फाल्गुन के महीने किसानों कि फसल तैयार होकर कटने योग्य हो जाता है नए फसल के तैयार होने की खुशी मै भी होली का त्यौहार धूम धाम से मनाया जाता है ।
होली एक अनोखा पर्व है इस दिन सभी एक दूसरे के गले मिलते है तथा रंगो से स्वागत करते है। भारत जैसा कि हम सभी जानते हैं भारत विविधताओं का देश है जहां पर अलग-अलग जाति धर्म के लोग निवास करते है भारत के विभिन्न क्षेत्रों में होली का त्यौहार अपने अपने ढंग से अपने अपने तरीके से मनाया जाता है आपको भारत के विभिन्न क्षेत्रों में होली का कुछ अलग ही नजारा देखने को मिलेगा । जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर एक सिक्के के दो पहलू होते हैं एक नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक उसी प्रकार इसके भी दो पहलू पहला नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक । होली के नकारात्मक और सकारात्मक हम पहलू पर डिस्कस करेंगे । सबसे पहले हम लेते हैं सकारात्मक पहलू को - होली लोगो मै उत्साह जागृत करती है तथा इस दिन सभी लोग गिले-शिकवे भुलाकर एक दूसरे को रंग लगाते हैं, खासकर इस दिन बच्चे ज्यादा ही उत्साहित रहते हैं उनको घरों में तरह-तरह के पकवान जो खाने के लिए मिलते हैं । विभिन्न लोगों और महिलाओं के द्वारा होली का त्यौहार अपने अपने ढंग से मनाया जाता है जहां चारों तरफ आपको खुशियों का माहौल ही देखने को मिलेगा ।
पर जहां पर देवता वास करते हैं वहां पर दानव भी वास करते हैं नकारात्मक पहलू - होली का त्यौहार उत्पात मचाने के लिए भी मसहूंर है, हमारी अधिकतर युवा पीढ़ी इस दिन नशे की आदत या नशे की धुन में धुत रहती है जिसके कारण कुछ बुरा घटना घटित होने की भी आशंका बनी रहती है ।
होली के दिनों सुरक्षा की दृष्टि से कुछ विशेष बातें को ध्यान रखने की भी आवश्यकता है
(1) रंगो को आंखों को स्पर्श ना होने दें
(2) जो रंग बाजार से खरीदते हैं वो केमिकल युक्ति होते है केमिकल युक्त रंग खरीदने के बजाए सूखे रंग का प्रयोग करें जैसे अबीर ।
होली के विषय में हमारे विचार थे दोस्तों अगर आप लोगों का कोई और भी विचार है तो मुझे कमेंट करो और बताएं
पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद
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होली का नाम सुनते ही रंगों का त्योहार और चेहरे पर रौनक आ जाता है
होली भारत की महत्वपूर्ण पर्वो में से एक है यह त्यौहार भारत और नेपाल सहित पूरी दुनिया भर में जहां पर हिन्दू अल्पसंख्यक भारतीय रहते हैं बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। होली को हिन्दुओं का पर्व भी कहा जाता है हिन्दू पुराणों के अनुसार हिरण कश्यप स्वंय को भगवान समझ बैठा था हिरण कश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिए अनेक तरीके अपनाएं पर कामयाब ना हो सका उन्हीं में से एक तरीका होलिका दहन के रूप में याद किया जाता है जिसमें हिरन कश्यप की बहन होलीका जिस के पास एक चादर था उस चादर की खास बात यह थी कि वह जिस किसी से लिपटा रहता वह आग मै जल नहीं सकता था पर संयोग होलिका के आग मै बैठते ही चादर उड़ कर प्रहलाद के शरीर से लिपट गया जिसके कारण होलिका को भी आग मै जलना पड़ा जिसे हम होलिका दहन के रूप मै होली का त्योहार मनाते है यह थी धार्मिक बात
दूसरा कारण - फाल्गुन के महीने किसानों कि फसल तैयार होकर कटने योग्य हो जाता है नए फसल के तैयार होने की खुशी मै भी होली का त्यौहार धूम धाम से मनाया जाता है ।
होली एक अनोखा पर्व है इस दिन सभी एक दूसरे के गले मिलते है तथा रंगो से स्वागत करते है। भारत जैसा कि हम सभी जानते हैं भारत विविधताओं का देश है जहां पर अलग-अलग जाति धर्म के लोग निवास करते है भारत के विभिन्न क्षेत्रों में होली का त्यौहार अपने अपने ढंग से अपने अपने तरीके से मनाया जाता है आपको भारत के विभिन्न क्षेत्रों में होली का कुछ अलग ही नजारा देखने को मिलेगा । जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर एक सिक्के के दो पहलू होते हैं एक नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक उसी प्रकार इसके भी दो पहलू पहला नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक । होली के नकारात्मक और सकारात्मक हम पहलू पर डिस्कस करेंगे । सबसे पहले हम लेते हैं सकारात्मक पहलू को - होली लोगो मै उत्साह जागृत करती है तथा इस दिन सभी लोग गिले-शिकवे भुलाकर एक दूसरे को रंग लगाते हैं, खासकर इस दिन बच्चे ज्यादा ही उत्साहित रहते हैं उनको घरों में तरह-तरह के पकवान जो खाने के लिए मिलते हैं । विभिन्न लोगों और महिलाओं के द्वारा होली का त्यौहार अपने अपने ढंग से मनाया जाता है जहां चारों तरफ आपको खुशियों का माहौल ही देखने को मिलेगा ।
पर जहां पर देवता वास करते हैं वहां पर दानव भी वास करते हैं नकारात्मक पहलू - होली का त्यौहार उत्पात मचाने के लिए भी मसहूंर है, हमारी अधिकतर युवा पीढ़ी इस दिन नशे की आदत या नशे की धुन में धुत रहती है जिसके कारण कुछ बुरा घटना घटित होने की भी आशंका बनी रहती है ।
होली के दिनों सुरक्षा की दृष्टि से कुछ विशेष बातें को ध्यान रखने की भी आवश्यकता है
(1) रंगो को आंखों को स्पर्श ना होने दें
(2) जो रंग बाजार से खरीदते हैं वो केमिकल युक्ति होते है केमिकल युक्त रंग खरीदने के बजाए सूखे रंग का प्रयोग करें जैसे अबीर ।
होली के विषय में हमारे विचार थे दोस्तों अगर आप लोगों का कोई और भी विचार है तो मुझे कमेंट करो और बताएं
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